
विकास खण्ड परिसर घोरावल में कृषि विभाग, सोनभद्र के तत्वावधान में “विकास खण्ड स्तरीय रबी गोष्ठी–2026” एवं “कृषि निवेश मेला” का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया।
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री अमरनाथ पटेल (जिला महामंत्री, भारतीय जनता पार्टी एवं प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख, घोरावल) रहे। कार्यक्रम का कुशल संचालन श्री तेज राम गंगवार (सहायक विकास अधिकारी – कृषि, घोरावल) द्वारा किया गया।
संगठन आधारित खेती से समृद्धि का मार्ग
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित श्री प्रकाश पाण्डेय
(जिला मीडिया प्रभारी, भाजपा किसान मोर्चा | संचालक – तेजस्वी संगठन न्यास | यूनिवर्सल सोनांचल फार्मर एसोसिएशन)
ने कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) एवं स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि FPOs छोटे एवं सीमांत किसानों को संगठित कर उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने तथा बाजार से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
वहीं SHGs के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं एवं युवाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार, प्रशिक्षण और आयवर्धन से जोड़ा जा रहा है।
उन्होंने सामूहिक खेती, बीज उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण (Processing) एवं स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन को किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार बताया।
FPO के माध्यम से मूल्य संवर्धन और मार्केट लिंकेज
विनोद पाण्डेय
(अध्यक्ष – उमा महेश्वर फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी)
ने FPO की सहभागिता से मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और सामूहिक विपणन के माध्यम से किसान अपनी उपज का मूल्य कई गुना बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सफल मार्केट लिंकेज मॉडल के व्यावहारिक अनुभव भी किसानों के साथ साझा किए।
कृषि विभाग की योजनाएं, फार्मर रजिस्ट्री एवं ड्रोन तकनीक
कार्यक्रम के संचालक श्री तेज राम गंगवार ने कृषि विभाग द्वारा संचालित समस्त केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं की बृहद जानकारी दी। उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री की उपयोगिता बताते हुए कहा कि यह किसानों के लिए एक डिजिटल पहचान है, जिससे:
योजनाओं का लाभ सीधे खाते में मिलता है
सब्सिडी, बीमा एवं अनुदान पारदर्शी रूप से प्राप्त होते हैं
फर्जी पंजीकरण पर रोक लगती है
उन्होंने ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसल सर्वेक्षण, कीटनाशक छिड़काव, रोग पहचान एवं लागत में कमी जैसे लाभों की भी विस्तार से जानकारी दी।
फसल रोग, कीट प्रबंधन एवं पीएम-प्रणाम योजना
श्री संदीप कुमार
(अपर कृषि अधिकारी, सोनभद्र)
ने फसलों को रोग एवं कीटों से बचाव, उनकी पहचान, रोकथाम एवं रख-रखाव पर विस्तृत तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने समेकित कीट प्रबंधन (IPM), जैविक विकल्पों एवं उर्वरकों के संतुलित प्रयोग पर विशेष जोर दिया।
साथ ही उन्होंने पीएम-प्रणाम (PM-PRANAM) योजना के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए बताया कि यह योजना रासायनिक उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग, मिट्टी की सेहत सुधारने तथा प्राकृतिक व वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शुरू की गई है।
पशुपालन एवं पशु रोग रोकथाम पर विशेषज्ञ सलाह
डॉ. आर.एस. गुप्ता
(उप पशु चिकित्सा अधिकारी)
ने पशुओं में होने वाले प्रमुख रोगों, उनके लक्षण, समय पर उपचार, टीकाकरण कार्यक्रम एवं रोकथाम के उपायों की वृहद जानकारी दी। उन्होंने पशुपालन में स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण को अनिवार्य बताया।
जनप्रतिनिधियों एवं महिला समूहों की सहभागिता
कार्यक्रम में लक्ष्मण प्रसाद
(ग्राम प्रधान, कोहरथा)
ने किसानों से सरकार की योजनाओं से जुड़कर सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
वहीं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाएं – मीना पाल, सरोज एवं शीला ने मंच से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि SHGs से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता, प्रशिक्षण, बैंकिंग सुविधा एवं बाजार से जुड़ाव मिला है, जिससे उनके परिवार की सामाजिक–आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।
विभागीय अपील
इस अवसर पर श्री नन्द किशोर
(कृषि रक्षा विशेषज्ञ – SPPA)
ने किसानों से सॉइल हेल्थ कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री, फसल बीमा एवं अन्य विभागीय पंजीकरण समय पर पूर्ण कराने की अपील की।
प्रदीप कुमार ब्लॉक कॉर्डिनेटर NRLM
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान, महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं, FPO प्रतिनिधि एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे और उन्होंने आधुनिक कृषि तकनीकों व सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।