• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
_दिल के मरीजों को यहां नहीं मिलता इलाज_

_दिल के मरीजों को यहां नहीं मिलता इलाज_


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247अनपरा। ठंड बढ़ने के साथ ही हृदय रोगियों की परेशानी बढ़ने लगी है लेकिन जिले में इलाज की कोई सुविधा नहीं है। मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल और 10 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में एक भी हृदय रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में मरीजों को दूसरे शहरों की दौड़ लगानी पड़ती है। हार्ट अटैक होने पर समय से इलाज न मिलने के कारण मरीजों की मौत भी हो जाती है।ठंड का मौसम हृदय रोगियों के लिए खतरनाक माना जाता है। प्रदूषित क्षेत्र होने के कारण ऊर्जांचल में बीपी शुगर के रोगियों को हार्ट अटैक खतरा और भी बढ़ जाता है। इस दौरान तापमान में गिरावट के कारण रक्त नलिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। ठंड में रक्त गाढ़ा होने के कारण थक्के जमने की संभावना बढ़ जाती है, जो हृदय की धमनियों को ब्लॉक कर देती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।हार्ट अटैक आने के बाद मरीज के पास करीब 4 घंटे का समय होता है। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की मौत भी हो सकती है। जिले की 22 लाख की आबादी के लिए न हृदय रोग विशेषज्ञ है और न ही जांच की कोई व्यवस्था। ऐसे में हृदय रोगी मरीजों को जांच व इलाज के लिए भटकना पड़ता है। शुरुआत के दिनों में हृदय रोगियों को बीमारी के बारे में जानकारी नहीं हो पाती है।

हार्ट अटैक आने पर परिजन उन्हें डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय या फिर परियोजना अस्पताल ले जाते हैं। कभी-कभी देर होने पर मरीजों की जान भी चली जाती है। प्रदेश को बिजली और सर्वाधिक राजस्व देने के बाद भी नगर के डिबुलगंज स्थित संयुक्त चिकित्सालय या फिर परियोजनाओं में एक भी कार्डियोलाजिस्ट की व्यवस्था नही की गई है। इस कारण मरीजों को काफी परेशानी होती है।अनपरा बाजार निवासी प्रभा देवी को इसी साल जनवरी में देर रात अचानक सीने में दर्द उठा था। परिजन तत्काल मप्र के जयंत स्थित नेहरू अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर ने 56 हजार रुपये का एक इंजेक्शन लगाया और एक सप्ताह बाद लखनऊ के लिए रेफर कर दिया। अब जांच और दवा के लिए लखनऊ जाना पड़ता है।रेणुसागर शिव मंदिर निवासी दया कुमार को जनवरी माह में देर रात सीने में अचानक दर्द उठा। परिजन परियोजना अस्पताल ले गए, लेकिन वहां डॉक्टर ने वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। रेणुकूट पहुंचने के बाद उनकी मृत्यु हो गई।रात में जल्दी सोए और सुबह जल्दी उठें।

– रात में भोजन के बाद हल्का टहलें।

– अधिक मात्रा में मांसाहार, धूम्रपान एवं शराब से दूरी बनाएं।

– हृदय रोगियों को उम्र के हिसाब से सुबह उठ कर योग करना, टहलना, खेलना, व्यायाम करना आदि को जीवन शैली में शामिल करना चाहिए।हृदय रोगी मरीज के प्राथमिक उपचार की व्यवस्था अभी तक नही है। अगले माह जांच के लिए ईसीजी मशीन व दवा अस्पताल में आ जाएगा। इसके लिए अस्पताल के एक डॉक्टर व अन्य स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया है। प्राथमिक उपचार के बाद मरीज को सीधा बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर कर दिया जाएगा। – डॉ. रवि प्रताप, अधीक्षक संयुक्त चिकित्सालय डिबुलगंज।सुबह का टहलना हृदय रोगियों के लिए काफी फायदेमंद है, लेकिन सुबह की सर्दी से बचना चाहिए, सूरज निकलने के बाद टहलें। ज्यादा तला भुना व मसालेदार खाने से भी बचना चाहिए। सीने में दर्द होने या फिर किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क करें। – डॉ. आरएन सिंह, फिजिशियन एवं सर्जन, अनपरा।

—-


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .