
छात्रावास का काम नहीं हुआ पूरा, खेल मैदान भी अधूरा
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। जिले में खेलों और खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए भिस्कुरी स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में कई वर्षों में बने खेल मैदान पर अभी केवल फुटबाल, हाॅकी, कबड्डी व एथलेटिक्स की प्रतियोगिताएं होती हैं। क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए न तो कोच है न ही क्रिकेट का मैदान है। 60 बेड के छात्रावास का निर्माण कार्य भी अभी पूरा नहीं हो सका है।क्षेत्रीय खेल कार्यालय द्वारा भिस्कुरी स्थित स्पोर्ट्स स्टेडियम में छह करोड़ की लागत से फरवरी 2024 में 60 बेड के छात्रावास का निर्माण कार्य शुुरु हुआ। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से निर्माण कार्य शुरु हुआ। अगस्त 2025 तक निर्माण कार्य पूरा हो जाना चाहिए था पर अब तक कार्य चल रहा है। भवन बन गया है। रंगरोगन, वायरिंग, दरवाजा आदि का कार्य चल रहा है। साथ ही पानी की टंकी भी बनाई जा रही है। अभी छात्रावास बनने में समय लगेगा। 2010 में खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के उद्देश्य से शुरू हुए चार करोड़ से स्टेडियम का निर्माण कार्य शुरु हुआ। भ्रष्टाचार के चलते कई वर्षों तक निर्माण कार्य अधूरा रहा। 2017 में शिकायत के बाद जांच शुरु हुई। चार करोड़ खर्च कर 75 प्रतिशत कार्य पूरा दिखाया गया पर कार्य अधूरा ही रहा। 2020 तक स्टेडियम पशुओं के चरने का चारागाह बना रहा। जांच के बाद कार्य शुरु हुआ। जिसके बाद अब स्टेडियम की हालत पहले से बेेहतर है पर स्टेडियम चारों ओर से खुला हुआ है। वहां पर सिर्फ फुटबाल, हॉकी, एथलेटिक्स व कबड्डी की सुविधा है। इंडोर में कुश्ती, बैडमिंटन, भारोत्तोलन, पावरलिफ्टिंग की सुविधा है। खुले मैदान में क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए सिर्फ पिच बना है। वह भी पूरा नहीं है। क्रिकेट के लिए स्टेडियम छोटा है।इस वर्ष बढ़ा छह खेलों का प्रशिक्षण
मिर्जापुर। क्षेत्रीय खेल कार्यालय की ओर से भिस्कुरी स्थित स्पोर्टस स्टेडियम में पहले पावरलिफ्टिंग, नेटबाल, वालीबाल व फुटबाल का प्रशिक्षण कैंप चलता था। अब छह खेलों का प्रशिक्षण चलता है। इसमें पावरलिफ्टिंग, कबड्डी, कुश्ती, ताइक्वांडो, एथलेटिक्स, फुटबाल, हॉकी, नेटबाल, कुश्ती, भारोत्तोलन का प्रशिक्षण चलता है। इन खेलों के कोच उपलब्ध है। कुश्ती और भारोत्तोलन खेलो इंडिया के तहत कछवां स्थित सत्यनरायण सिंह खेल संस्थान में प्रशिक्षण चलता है। बाकी का भिस्कुरी स्थित स्पोर्टस स्टेडियम में चलता है। 10 खेलों में 200 के करीब खिलाड़ी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे है। सुबह शाम प्रशिक्षण चलता है।
नाम रोशन करने वाले पावरलिफ्टिंग के लिए नहीं बन सका हाल
मिर्जापुर। जिले में पावरलिफ्टिंग ही ऐसा खेल है। जिसके खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर नाम रोशन कर चुके हैं पर भिस्कुरी स्थित स्पोर्टस स्टेडियम में इस खेल के लिए हॉल नहीं बन सका है। कार्यालय के एक कमरे में प्रशिक्षण चलता है। इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निधि सिंह पटेल, वीरेंद्र सिंह मरकाम, मुक्ता साहनी, राष्ट्रीय स्तर पर ज्योति सिंह पटेल, सलोनी, रेनूका गौतम, रुबी सिंह, मनीषा विश्वकर्मा, अनुराधा सिंह आदि खिलाड़ी है। निधि सिंह पटेल 2013 से भिस्कुरी स्थित स्पोर्टस स्टेडियम में प्रशिक्षक के रुप में तैनात है।
स्टेडियम तक जाने वाली सड़क खराब
मिर्जापुर। भिस्कुरी स्थित स्पोर्टस स्टेडियम तक जाने का सड़क ही खराब है। आरटीओ कार्यालय मार्ग मुख्य मार्ग से एक सड़क स्पोर्टस स्टेडियम की ओर जाती है। जाने वाला मार्ग ही 200 मीटर तक उबड़-खाबड़ है। न ही स्टेडियम का कोई बोर्ड लगा है। आगे का मार्ग बना है पर क्षतिग्रस्त है। शुरुआती मार्ग वन विभाग में होने के कारण बनने में रोड़ा बना हुआ है। शाम के बाद स्टेडियम की ओर जाने के लिए रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
क्रिकेट में है प्रतिभाएं पर सुविधाएं नहीं
मिर्जापुर। जिले में क्रिकेट में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। मिर्जापुर क्रिकेट एसोसिएशन की ओर से प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रतियोगिता भी कराई जाती है पर क्रिकेट के लिए सरकारी सुविधा नहीं है। न ही कोई प्रतियोगिता ही कराई जाती है।
चंदा ने इस वर्ष जीता स्वर्ण पदक
अदलहाट। उत्तराखंड में आयोजित 38 वीं राष्ट्रीय खेल 2025 के एथलेटिक्स प्रतियोगिता में मिर्जापुर जिले के राजगढ़ ब्लाक के सोनपुर गांव निवासी अंतर्राष्ट्रीय एथलीट केएम चंदा इस वर्ष गोल्ड मेडल जीतकर राष्ट्रीय फलक पर जिले का नाम रोशन किया। 28 जनवरी से 14 फरवरी 2025 तक राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के 1500 मीटर दौड़ में दिल्ली की ओर से खेलते हुए चंदा ने 4:17.74 समय में दौड़ पूरी कर स्पर्धा के गोल्ड मेडल जीता। इससे पहले वह कई स्वर्ण पदक जीत चुकी है। उसका सपना ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतना हैछात्रावास का निर्माण अगस्त तक पूरा होना था। धीमी गति से कार्य चलने से पूरा नहीं हो सका है। समय से कार्य पूरा न होने पर पेनाल्टी लगेगी। छात्रावास में चयन अगले सत्र से ही हो सकेगा। इस समय 10 खेलो का प्रशिक्षण चल रहा है। पावरलिफ्टिंग के हाल बनाने का प्रस्ताव गया था। निदेशालय से मना हो गया है। अन्य खेल सुविधाओं के लिए प्रयास किया जा रहा है।
धर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी