
कागज पर दौड़ रही कूड़ा गाड़ी, फाइलों में हो रही सफाई
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। जिले में स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान चलाया जा रहा है। सार्वजनिक स्थानों पर फैली गंदगी भारत सरकार के स्वच्छ भारत अभियान की मंशा पर पानी फेर रही है। लाखों रुपये खर्च करके गांवों में आरआरसी सेंटर बनाए गए हैं। जो अब शोपीस बने हैं। कूड़ा ढोने के लिए खरीदे गए वाहन पंचायत भवन या फिर ग्राम प्रधानों के दरवाजे की शोभा बढ़ा रहे हैं। हाल यह है कि कागज पर कूड़ा गाड़ी दौड़ रही है तो फाइलों में सफाई हो रही हैछानबे, हलिया, सिटी, पहाड़ी, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर, जमालपुर, राजगढ़, पटेहरा व लालगंज ब्लॉक को मिलाकर 809 ग्राम पंचायत के 654 ग्राम पंचायत में आरआरसी सेंटर बनाए गए हैं। पंचायत राज विभाग की ओर से 495 ग्राम पंचायतों में कूड़ा घर संचालित किए जाने का दावा किया जा रहा है। ज्यादातर गांवों में खरीदे गए कूड़ा ढोने वाले वाहन या तो पंचायत भवन या फिर ग्राम प्रधानों के दरवाजे की शोभा बढ़ा रहे हैं। विंध्याचल से सटे सिटी व छानबे ब्लॉक में कंतित ग्रामीण, शिवपुर, दुहौवा की दशा सबसे अधिक खराब है। कंतित ग्रामीण में मिर्जापुर-प्रयागराज मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के पास सड़क के किनारे उड़ रही गंदगी स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है। सीखड़ ब्लॉक क्षेत्र के तमन्न पट्टी गांव में दलित बस्ती की तरफ जाने वाले मार्ग के किनारे गंदगी फैली है। गांवों में बने आरआरसी सेंटर में आज तक कूड़ा संग्रह नहीं किया गया। सफाई कर्मचारी गांव में कभी कभार जरूर दिखते हैं सिर्फ विद्यालय की सफाई तक अपना दायित्व समझकर लौट जाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल जमालपुर विकास खंड का है। शिकायत उठती है तो जिम्मेदार कार्रवाई करने की बात कर पल्ला झाड़ लेते हैं।