
प्रस्ताव के लिए हुई बैठक में कास्तकारों ने दी चकबंदी की सहमति
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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ड्रमंडगंज। देवहट (ड्रमंडगंज) प्राथमिक विद्यालय परिसर में बुधवार को हुई कास्तकारों की बैठक में चकबंदी प्रक्रिया शुरू होने से पहले शासन को भेजने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया। इस दौरान चकबंदी विभाग द्वारा कास्तकारों को चकबंदी से होने वाली सहूलियतों के बारे में जानकारी दी गई।बैठक की शुरुआत करते हुए चकबंदी कानूनगो रामकुमार ने बताया कि देवहट ग्राम पंचायत की चकबंदी कराने के लिए कास्तकारों की सहमति या असहमति का प्रस्ताव शासन द्वारा मांगा गया है। उन्होंने कास्तकारों को चकबंदी से होने वाले लाभ की जानकारी दी। कानूनगो ने बताया कि चकबंदी होने के बाद कास्तकारों की जगह जगह बिखरी हुई जमीन का इकट्ठा चक बन जाता है। इससे कास्तकारों को खेती करने में सुविधा रहती है। चक की प्रक्रिया समझाते हुए कानूनगो ने कहा कि कम रकबा वाले कास्तकारों का एक चक तथा अधिक रकवा वाले कास्तकारों के अधिकतम तीन चक बनाए जाते हैं। बताया कि चकबंदी हो जाने पर चक मार्ग, चक नाली के साथ गांव में सार्वजनिक उपयोग की जमीन भी सुरक्षित हो जाती है। साथ ही गांव में कास्तकारों के बीच काफी दिनों से चला आ रहा बंटवारे व रास्ते का विवाद भी चकबंदी के बाद समाप्त हो जाता है। इसके बाद बैठक में उपस्थित कास्तकारों ने एकमत होकर गांव में चकबंदी कराने की सहमति दे दी। इस दौरान ग्राम प्रधान कौशलेंद्र गुप्ता, चकबंदी लेखपाल अर्जुन, राजस्व लेखपाल विद्याकांत, लवकुश केशरी, धीरज केशरी, तारकेश्वर केशरी, शंकर लाल पाल, संजय सिंह, सादाब अंसारी, फूलचंद कोल आदि उपस्थित रहे