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सबसे बड़े साइबर फ्रॉड के चंगुल में फंस रहे पश्चिमी राजस्थान के लोग, दूरी बनाना ही इसका बचाव

सबसे बड़े साइबर फ्रॉड के चंगुल में फंस रहे पश्चिमी राजस्थान के लोग, दूरी बनाना ही इसका बचाव


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

वर्तमान में बाड़मेर जिले के बॉर्डर क्षेत्र सहित कई स्थानों के लोग दिनों दिन साइबर फ्रॉड के शिकंजे में फंसते जा रहे है। ये विदेशी एप बाड़मेर, जालौर सहित सांचौर के स्थानीय लोगों को डबल, ट्रिपल और डॉलर का लालच देकर अपने शिकंजे में फंसा रहे है। इन एप की अभी चल रही स्ट्रेजी के अनुसार भविष्य के आगामी वर्ष में बहुत बड़ा स्कैम सामने आने की जानकारी आरबीआई भारत सरकार की ओर से जारी की गई है। भारत सरकार के साइबर विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू करने के चलते कई एप जैसे एंप्रीसी, सिजेंटा, एमरी एप के लिंक बंद हो गए है। अब सोशियाल साइट पर कांटी सहित एक- दो एप अपनी अंतिम प्रक्रिया में है। भारत सरकार के साइबर विभाग के अनुसार सबसे बड़ा स्कैम कांटी एप के जरिए किया जा रहा है। इसमें लोग डॉलर के लालच में आकर अपनी डिटेल शेयर कर रहे है जो भविष्य में उन पर बहुत बड़ा खतरा बना रही है। इस एप का निर्माण ही विदेश में बैठे हैकरों द्वारा किया गया है। कोंटी एक मैलवेयर है जिसे दिसंबर, 2019 में रूस स्थित हैकिंग समूह ” विज़ार्ड स्पाइडर ” द्वारा विकसित और पहली बार इस्तेमाल किया गया था। तब से यह एक पूर्ण विकसित रैनसमवेयर-एज़-ए-सर्विस (RaaS) ऑपरेशन बन गया है जिसका उपयोग रूस के हैकिंग समूह “विज़ार्ड स्पाइडर” द्वारा किया जाता है। आगामी समय में जो लोग इसके चंगुल से बच गए वह सुरक्षित रहेंगे और जो लोग फंस चुके है उन पर अधिक डॉलर लेने के रूप में बहुत बड़ा खतरा मंडरा रहा है। भारत सरकार के साइबर सेल विभाग ने उनकी निगरानी रखनी शुरू कर दी है, लेकिन उनकी सुरक्षा के मामले में हाथ खड़े कर दिए है


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