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उर्वरक का संतुलित मात्रा मे ही प्रयोग किया जायेः- जिला कृषि अधिकारी

उर्वरक का संतुलित मात्रा मे ही प्रयोग किया जायेः- जिला कृषि अधिकारी


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

जिला कृषि अधिकारी नें समस्त किसान भाईयों को अवगत कराया है कि खरीफ की फसलों की बुवाई पूर्ण हो चुकी है और विभिन्न फसलों में किसानों के द्वारा नत्रजन उर्वरकों का टॉप-ड्रेसिंग के रूप में प्रयोग किया जा रहा है, इसलिये आवश्यक है कि उर्वरक का संतुलित मात्रा मे ही प्रयोग किया जाये, क्योकि अधिक मात्रा मे प्रयोग से वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण की समस्या के साथ साथ पर्यावरण पर इसका गम्भीर प्रभाव पड़ता है। फसलों के उत्पादन लागत में वृद्धि होती है इसलिये कृषकों को मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों की संतुलित मात्रा का प्रयोग करने के साथ ही नैनो तरल यूरिया का द्वितीय टॉप ड्रेसिंग के रूप मे प्रयोग की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही यह तथ्य भी संज्ञान में आया है कि कुछ किसान भाई भ्रमित होकर फास्फेटिक उर्वरकों का खड़ी फसल मे टॉप ड्रेसिंग कर रहे है, जो कि उचित नहीं है क्योकि खड़ी फसल मे फास्फेटिक उर्वरकों के प्रयोग से खेती की लागत बढती है तथा किसी भी प्रकार लाभ नहीं होता है तथा किसान भोईयों को समुचित जानकारी न होने के कारण आगामी समय मे होने वाली आवश्यकता हेतु अधिकाधिक मात्रा मे उर्वरक प्राप्त करने की प्रवृत्ति बढ रही है।

उपरोक्त परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुये समस्त किसान भाइयों से अनुरोध है कि फसलों मे संतुलित मात्रा मे ही उर्वरकों का प्रयोग करे जिससे मृदा, जल एवं वायु के साथ साथ पर्यावरण प्रदूषण मे कमी आये तथा फसलों पर होने वाले व्यय मे भी कमी आये । सभी किसान भाईयों को आश्वस्त करता हूँ कि उनकी आवश्यकता के समय उन्हे उर्वरकों की उपलब्धता बनी रहेगी, किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न दे और अनावश्यक उर्वरकों के भण्डार की स्थिति से बचे।


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