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धोखाधड़ी मामले में आरोपी पूजा कुमारी की अग्रिम जमानत देश न छोड़ने की शर्त पर सशर्त स्वीकार

धोखाधड़ी मामले में आरोपी पूजा कुमारी की अग्रिम जमानत देश न छोड़ने की शर्त पर सशर्त स्वीकार


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

 

चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

– 50 हजार रुपये की दो जमानत पेश करने के साथ ही 5 शर्तों पर रिहाई का आदेश

फोटो: राजीव कुमार सिंह गौतम एडवोकेट।

सोनभद्र। धोखाधड़ी मामले में आरोपी पूजा कुमारी की अग्रिम जमानत बुधवार को सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने देश न छोड़ने समेत 5 शर्तों पर सशर्त स्वीकार कर लिया। साथ ही 50 हजार रुपये की दो जमानत पेश करने पर रिहाई का आदेश दिया है।

पूजा कुमारी पत्नी राजेश कुमार निवासी ग्राम सेमिया, थाना जुगैल, जिला सोनभद्र ने अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह गौतम के जरिए दाखिल अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र में अवगत कराया है कि मुकदमा वादी त्रिवेणी उर्फ बेनी उसके गांव के हैं जो विकलांग व आंख से अंधे हैं। इन्होंने गलत एवं असत्य कथनों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराया है। जबकि सत्यता यह है कि त्रिवेणी काफी साल पहले से ही उसके ससुर के साथ रहते थे। उनका सेवा खाना पीना, दवा इलाज उसके सास ससुर द्वारा किया जाता था। त्रिवेणी का पुराना घर है जो देख रेख के अभाव में गिर रहा था तब त्रिवेणी कई लोगों से अपनी जमीन बेचने की बातचीत किए, लेकिन उपजाऊ भूमि न होने की वजह से किसी ने जमीन नहीं लिया। उसके बाद त्रिवेणी खुद उसकी सास से आग्रह करने के बाद जमीन बेचे थे। जमीन बेचने के बारे में त्रिवेणी ने उससे कोई बातचीत नहीं किया है और न ही बैनामा के समय वह मौजूद ही रही। उसने कोई अपराध नहीं किया है। वहीं अभियोजन पक्ष के अनुसार त्रिवेणी की तहरीर पर 3 सितंबर 2025 को एफआईआर दर्ज किया गया है। जिसमें पुनवासी व राजेश कुमार के विरुद्ध 17 फरवरी 2025 को वृद्धा पेंशन का सत्यापन कराने के बहाने धोखाधड़ी करके जमीन का बैनामा कराने का आरोप लगाया गया है। पूजा कुमारी के द्वारा त्रिवेणी के खाते में एक लाख रुपये भेजने का भी आरोप है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने एवं पत्रावली का अवलोकन करने के बाद अग्रिम जमानत का सशर्त आधार पाते हुए जमानत अर्जी स्वीकार कर लिया। 50 हजार रुपये की दो जमानत के साथ ही पांच शर्तों जिनमें विचारण में सहयोग करने, नियत तिथि पर कोर्ट में हाजिर होने, साक्षियों को न धमकाने, बगैर कोर्ट की अनुमति देश नहीं छोड़ने व शर्तों का उल्लंघन करने पर विधिक कार्रवाई होंना शामिल है की शर्त पर रिहाई का आदेश दिया है।


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