
_विकास प्राधिकरण की नोटिस से विंध्याचल में दहशत, बोले लोग—टूटे आशियाने को अब मत तोड़िए
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मीरजापुर। विंध्याचल में इन दिनों विकास प्राधिकरण की ओर से जारी की जा रही नोटिसों को लेकर स्थानीय नागरिकों में चिंता और दहशत का माहौल है। मकान निर्माण को लेकर प्राधिकरण की कार्रवाई से परेशान लोगों का कहना है कि वर्षों की मेहनत और कर्ज लेकर किसी तरह तैयार किए जा रहे आशियाने अब नोटिसों की जद में आ रहे हैं। लोगों की पीड़ा है— *_”टूट गए हैं साहब, अब मत तोड़िए… आशियाना टूटा तो सपनों का घर भी टूट जाएगा।”_*
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, विंध्याचल क्षेत्र में एक तल के मकान निर्माण को लेकर भी विकास प्राधिकरण की ओर से नोटिस दिए जा रहे हैं। इससे उन परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बैंक से ऋण या परिचितों से कर्ज लेकर मकान का निर्माण शुरू कराया है। नागरिकों का आरोप है कि नोटिस मिलने के बाद निर्माण रोकने तथा मकान सीज करने की कार्रवाई की चेतावनी दी जा रही है, जिससे लोगों में आर्थिक नुकसान का भय बना हुआ है।
कुछ स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि मामलों को समाप्त कराने के नाम पर दबाव बनाए जाने की चर्चाएं क्षेत्र में हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण में नियमों का उल्लंघन है तो स्पष्ट रूप से नियम और समाधान की प्रक्रिया बताई जाए, ताकि लोग कानूनी तरीके से अपनी समस्या का समाधान करा सकें।
विंध्याचलवासियों का कहना है कि विकास के नाम पर यदि आम नागरिक ही लगातार परेशान होता रहा तो इसका सीधा असर लोगों के जीवन पर पड़ेगा। स्थानीय लोगों ने नगर विधायक, जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेकर प्राधिकरण की कार्रवाई की निष्पक्ष समीक्षा कराने तथा प्रभावित नागरिकों की समस्याएं सुनने की मांग की है। नागरिकों का सवाल है कि आखिर वे अपनी समस्या लेकर किसके पास जाएं?