
धान की फसल के लिए खाद को लेकर किसानों का हंगामा, एसडीएम विशाल कुमार ने मुसहा सहकारी समिति पहुंचकर की जांच
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र। घोरावल विकास खंड क्षेत्र में धान की फसल के लिए यूरिया और डीएपी खाद की बढ़ती जरूरत के बीच मुसहा साधन सहकारी समिति पर किसानों की परेशानी बुधवार को खुलकर सामने आ गई। खाद नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों किसान समिति परिसर में जुट गए। किसानों की शिकायतों की जानकारी मिलने पर बुधवार की शाम करीब पांच बजे उपजिलाधिकारी विशाल कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और समिति की व्यवस्थाओं की जांच की।
उपजिलाधिकारी ने समिति के गोदाम का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध खाद के स्टॉक की जानकारी ली। इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद किसानों से बातचीत कर खाद वितरण में आ रही समस्याओं और उनकी शिकायतों के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
बताया गया कि मुसहा न्याय पंचायत क्षेत्र के सैकड़ों किसान बुधवार सुबह करीब 10 बजे से ही धान की फसल के लिए खाद लेने समिति के गोदाम पर पहुंच गए थे। किसानों का आरोप था कि वे पिछले करीब एक महीने से लगातार समिति के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन जरूरत के अनुसार उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
किसानों के अनुसार, समिति के गोदाम में लगभग 300 बोरी यूरिया और डीएपी खाद उपलब्ध होने की जानकारी के बावजूद उसका वितरण नहीं किया जा रहा था। इससे किसानों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई किसानों ने आरोप लगाया कि उन्हें खाद वितरण के लिए टोकन भी दिए गए और कुछ किसानों के फिंगरप्रिंट तक लिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें खाद नहीं मिल सकी।
धान की फसल के लिए समय पर खाद न मिलने से किसान चिंतित नजर आए। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते यूरिया और डीएपी उपलब्ध नहीं कराई गई तो उनकी फसल प्रभावित हो सकती है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
मौके पर पहुंचकर एसडीएम विशाल कुमार ने गोदाम की स्थिति और खाद वितरण व्यवस्था की जांच की तथा किसानों की शिकायतों को गंभीरता से सुना। किसानों को उम्मीद है कि प्रशासनिक जांच के बाद खाद वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और जरूरतमंद किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
किसानों ने प्रशासन से मांग की कि समिति में उपलब्ध खाद का वितरण पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए और यह भी जांच की जाए कि गोदाम में खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को समय पर खाद क्यों नहीं मिल पा रही थी।