
अहरौरा क्रशर प्लांट हादसा: सोनभद्र के चार मजदूरों के शव गांव पहुंचे, एक साथ तीन चिताएं जलीं; पूरे क्षेत्र में पसरा मातम
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
सोनभद्र/मिर्जापुर। मिर्जापुर जनपद के अहरौरा क्षेत्र स्थित क्रशर प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे ने सोनभद्र जिले के जुगैल थाना क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों के शव रविवार को पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव पहुंचे तो बड़गवां गांव और आसपास के टोलों में कोहराम मच गया। एक ही क्षेत्र के चार परिवारों के सदस्यों की असमय मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया और हर आंख नम दिखाई दी।
रविवार को जैसे ही शव गांव पहुंचे, मृतकों के घरों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अपने प्रियजनों के पार्थिव शरीर को देखकर परिजनों का सब्र टूट गया। महिलाओं और बच्चों के करुण क्रंदन से माहौल पूरी तरह गमगीन हो उठा। हर तरफ केवल शोक और सन्नाटा पसरा रहा। ग्रामीण पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे, लेकिन एक साथ चार मजदूरों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया।
राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड ने पहुंचकर दी सांत्वना
शवों के गांव पहुंचने की सूचना मिलते ही समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड समेत अन्य जनप्रतिनिधि और स्थानीय नेता मृतकों के घर पहुंचे। राज्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दुख की इस कठिन घड़ी में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
उन्होंने पीड़ित परिवारों के सदस्यों का दुख साझा करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान जुगैल थाना पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और अंतिम संस्कार के दौरान आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करती रही।
सोन घाट पर उमड़ा जनसैलाब, एक साथ जलीं तीन चिताएं
बाद में चारों मजदूरों के पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए सोन घाट लाए गए। यहां अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। सोन घाट पर तीन मजदूरों का अंतिम संस्कार एक साथ किया गया।
एक ही समय में तीन चिताओं को जलते देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि अंतिम संस्कार में शामिल कई लोग अपने आंसू नहीं रोक सके। पूरे घाट पर शोक और गम का माहौल बना रहा।
वहीं मृतक अशोक गोंड को उनके परिवार और समाज की परंपरा एवं रीति-रिवाज के अनुसार दफनाया गया। चारों मृतकों को अंतिम विदाई देते समय परिजनों का दर्द और पूरे गांव का दुख साफ दिखाई दे रहा था।
एक साथ चार परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
अहरौरा क्रशर प्लांट हादसे ने केवल चार लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि उनके परिवारों के सामने गहरा भावनात्मक और आर्थिक संकट भी खड़ा कर दिया है। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले इन लोगों की अचानक मौत के बाद उनके परिजनों के सामने भविष्य की चिंता खड़ी हो गई है।
एक ही क्षेत्र के चार परिवारों पर आई इस त्रासदी ने पूरे बड़गवां गांव और आसपास के इलाकों को गमगीन कर दिया है। गांव में हर व्यक्ति इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहा है।
रविवार का दिन जुगैल थाना क्षेत्र के बड़गवां गांव और आसपास के टोलों के लिए कभी न भूलने वाला दिन बन गया। एक साथ चार घरों से उठे मातम और सोन घाट पर एक साथ जली तीन चिताओं का दर्द लोगों के दिलों में लंबे समय तक बना रहेगा।