
विंध्य एक्सप्रेस वे के साथ जल, जंगल और जमीन के मुद्दे पर एकजुट हुए किसान व आदिवासी परिवार
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
चतरा ब्लॉक में हुई बैठक, किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र से शासन-प्रशासन तक आवाज पहुंचाने की अपील
सोनभद्र। जनपद सोनभद्र के चतरा ब्लॉक क्षेत्र में प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस वे परियोजना के साथ-साथ जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर किसान एवं आदिवासी परिवारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और किसान परिवारों ने भाग लिया तथा अपनी जमीन, आजीविका और भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की।
बैठक में उपस्थित किसान पुत्रों और ग्रामीणों ने किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा के संयोजक संदीप मिश्र से अपील की कि किसानों और आदिवासी परिवारों की समस्याओं एवं आशंकाओं को शासन-प्रशासन के उच्च स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संदीप मिश्र ने कहा कि सरकार एक ओर किसानों की आय दोगुनी करने की बात करती है, जबकि दूसरी ओर विकास परियोजनाओं और एक्सप्रेस वे के नाम पर किसानों की उपजाऊ भूमि अधिग्रहित किए जाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान की सबसे बड़ी पूंजी उसकी जमीन होती है और जमीन के बिना किसान परिवारों के सामने रोजगार, आजीविका और भविष्य का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
संदीप मिश्र ने दावा किया कि प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेस वे परियोजना से करीब 2019 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि प्रभावित होने की आशंका है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास परियोजना को लागू करने से पहले स्थानीय किसानों, आदिवासी परिवारों और प्रभावित ग्रामीणों की राय को गंभीरता से सुना जाना चाहिए तथा उनके अधिकारों और हितों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
बैठक के दौरान जल, जंगल और जमीन से जुड़े पारंपरिक अधिकारों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों ने कहा कि आदिवासी और किसान परिवारों का जीवन सीधे तौर पर जमीन, जंगल और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है। ऐसे में किसी भी परियोजना के कारण यदि उनकी जमीन और संसाधन प्रभावित होते हैं तो उसका सीधा असर उनकी आजीविका और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।
बैठक में किसानों और आदिवासी परिवारों ने एक स्वर में अपनी समस्याओं को संगठित तरीके से शासन और प्रशासन के समक्ष रखने की बात कही। वक्ताओं ने कहा कि विकास कार्यों का विरोध नहीं है, लेकिन विकास की प्रक्रिया में किसानों, आदिवासियों और स्थानीय निवासियों के अधिकारों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में मौजूद लोगों ने उम्मीद जताई कि उनकी आवाज को गंभीरता से सुना जाएगा और विंध्य एक्सप्रेस वे सहित अन्य विकास परियोजनाओं के संबंध में प्रभावित परिवारों के हितों, उचित मुआवजे, पुनर्वास तथा आजीविका की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा किसानों और आदिवासी परिवारों के अधिकारों को लेकर बैठक में एकजुटता का संदेश भी दिया गया।