
लगातार बारिश से म्योरपुर-लिलासी मार्ग पर सड़क किनारे कटान, गहरे गड्ढे में तब्दील हुआ हिस्सा
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
हादसे का बढ़ा खतरा, राहगीरों ने जल्द मरम्मत की उठाई मांग; विभाग ने मिट्टी-बोरियां रखवाकर कराया अस्थायी बचाव
म्योरपुर, सोनभद्र। लगातार हो रही बारिश के कारण म्योरपुर-लिलासी मार्ग पर सड़क किनारे कटान होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। बंधी के पास सड़क का एक हिस्सा कटकर गहरे गड्ढे में तब्दील हो गया है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। मार्ग पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से विशेषकर रात के समय हादसे की आशंका बनी हुई है।
म्योरपुर-लिलासी मार्ग क्षेत्र का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन आवागमन करते हैं। लगातार बारिश के कारण सड़क के किनारे की मिट्टी बह जाने से कटान और अधिक बढ़ने की आशंका है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरते समय वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासी इरफान खान, प्रवीण कुमार, सुरेश केशरी, जितेंद्र गुप्ता और रंजीत जायसवाल ने बताया कि बारिश के कारण सड़क किनारे लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा है। यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो सड़क का और हिस्सा क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे बड़ा हादसा होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित विभाग से गड्ढे को तत्काल भरवाकर सड़क को सुरक्षित कराने तथा स्थायी रूप से कटान रोकने की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विभाग ने कराया अस्थायी बचाव कार्य
इस संबंध में विभाग के अवर अभियंता योगेन्द्र कुमार ने बताया कि कटान वाले स्थान पर तत्काल मिट्टी और बोरियां रखवाकर अस्थायी रूप से बचाव कार्य कराया गया है। वाहन चालकों को भी क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
अवर अभियंता ने बताया कि पिछले वर्ष भी बारिश के दौरान इस स्थान पर कटान की स्थिति उत्पन्न हुई थी। लगातार बारिश के कारण इस बार भी सड़क किनारे मिट्टी का कटाव हुआ है। विभाग की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि केवल अस्थायी इंतजाम तक सीमित न रहते हुए सड़क किनारे मजबूत सुरक्षा व्यवस्था और स्थायी मरम्मत कराई जाए, ताकि बारिश के दौरान दोबारा सड़क क्षतिग्रस्त न हो और राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।