
नरक’ पालिका मीरजापुर: नलों से आ रहा सड़ांध मारता गंदा पानी, लाखों की सेहत दांव पर
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
* सीवर और नालियों के रिसाव से नलों तक पहुंच रही गंदगी, बिना शुद्धिकरण के सीधी सप्लाई
* जल टैक्स वसूली पूरी, लेकिन नगरवासियों को पीने के लिए नहीं मिल रहा एक घूंट शुद्ध पानी
मीरजापुर: नगर पालिका परिषद मीरजापुर क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। नगर के सभी 38 वार्डों में रहने वाली लाखों की आबादी इन दिनों नलों से आ रहे बदबूदार, मटमैले और दूषित पानी से हलकान है। शहर के करीब 80 प्रतिशत घरों में जलापूर्ति शुरू होते ही नलों से झाग और सड़ांध मारता पानी निकल रहा है, जिससे इलाके में डायरिया, पीलिया, टायफाइड और पेट संबंधी गंभीर संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
नालियों के बीच से गुजर रही जर्जर पाइपलाइनें
शहर के अधिकांश मोहल्लों में नगर पालिका की पेयजल पाइपलाइनें दशकों पुरानी और जर्जर हो चुकी हैं। गंदे नालों और सीवर लाइनों के समानांतर बिछी इन पाइपलाइनों में दर्जनों जगह लीकेज है। प्रेशर कम होते ही नालियों का गंदा व जहरीला पानी पाइपों में समा जाता है और सप्लाई खुलते ही सीधे लोगों के किचन तक पहुंचता है। स्थिति यह है कि नलों से निकलने वाला पानी न तो पीने लायक है और न ही नहाने-धोने योग्य।
*टैक्स वसूली पूरी, शुद्ध पानी देने में पालिका पूरी तरह फेल*
नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पालिका द्वारा वाटर टैक्स और गृहकर की वसूली तो नियमित रूप से की जा रही है, लेकिन बुनियादी सुविधा के नाम पर नागरिकों को बीमारियों का घूंट पिलाया जा रहा है। जलकल विभाग न तो पाइपलाइनों के लीकेज ठीक कर रहा है और न ही पानी के नियमित क्लोरीनेशन व शुद्धिकरण पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम लोग रोजाना पानी के जार खरीदने को मजबूर हैं, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग इसी जहरीले पानी के भरोसे जीने को विवश है।