
मण्डलायुक्त व पुलिस उप महानिरीक्षक ने आश्रम पद्धति विद्यालय मड़िहान का किया औचक निरीक्षण
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
*भोजन, छात्रावास व सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा, छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं देने का दिया निर्देश*
मीरजापुर
मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश ने पुलिस उप महानिरीक्षक पूनम के साथ आश्रम पद्धति विद्यालय, मड़िहान का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मण्डलायुक्त ने भोजनालय, किचन, किचन स्टोर, बालिका छात्रावास और शौचालयों की साफ-सफाई का जायजा लिया और परिसर में बेहतर सफाई-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने नीट और जेईई की तैयारी में जुटी छात्राओं से संवाद कर पठन-पाठन और सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने सीधे छात्राओं के भोजनालय का रुख किया। उन्होंने बैठने की व्यवस्था, थाली-बर्तन की सफाई और आरओ वाटर की व्यवस्था देखी। मंडलायुक्त ने स्वयं खाने की गुणवत्ता को परखा। किचन और स्टोर में दाल, चावल, आटा, तेल, मसालों की गुणवत्ता और स्टाक रजिस्टर की जांच की। सब्जियां ताजी मिलीं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि भोजन मेन्यू के अनुसार ही पौष्टिक और गरम मिले। रसोइया टोपी, एप्रन और दस्ताने जरूर पहनें। किचन में जाली लगी हो ताकि मक्खी-मच्छर न आएं। बालिका छात्रावास के कमरों में बेड, लाइट, पंखा, अलमारी को देखा गया। बाथरूम और शौचालयों में पानी, फिनाइल और सेनेटरी सुविधाओं की जांच की। एक-दो शौचालयों में नल टपकते मिले, जिस पर तत्काल ठीक कराने का निर्देश दिया। छात्रावास अधीक्षिका को सख्त निर्देश दिया गया कि शौचालयों की सुबह-शाम दो बार सफाई हो। सेनेटरी नैपकिन, साबुन और डिटर्जेंट की कमी न हो। सीसीटीवी चालू रहें और महिला सुरक्षाकर्मी 24 घंटे तैनात रहें। बिना पास के कोई भी पुरुष कर्मचारी बालिका छात्रावास में प्रवेश न करे। विद्यालय में अनुसूचित जाति की 100 से अधिक छात्राएं रहकर नीट और जेईई की निःशुल्क कोचिंग कर रही हैं। अधिकारियों ने क्लासरूम में जाकर छात्राओं से वार्ता कर पठन-पाठन के बारे में जानकारी ली। मंडलायुक्त ने छात्राओं से कक्षाओं के संचालन के बारे में जानकारी ली। छात्राओं ने बताया कि पढ़ाई ठीक चल रही है, लेकिन फिजिक्स और केमिस्ट्री के लिए अतिरिक्त मॉक टेस्ट और किताबों की जरूरत है। इस पर मंडलायुक्त ने प्रधानाचार्य को निर्देशित किया कि लाइब्रेरी में एन0सी0ई0आर0टी0 के साथ-साथ कोचिंग के माड्यूल, सैंपल पेपर मंगाए जाएं। हर रविवार को फुल सिलेबस टेस्ट हो। जो बच्ची कमजोर है, उसकी अलग से एक्स्ट्रा क्लास लगे। डीआईजी ने छात्राओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा- आप डॉक्टर-इंजीनियर बनेंगी तो पूरे समाज की तस्वीर बदलेगी। अनुशासन और मेहनत ही सफलता की कुंजी है। डीआईजी ने सुरक्षा को लेकर कहा कि विद्यालय के आसपास पुलिस गश्त बढ़ाई जाएगी और छात्राओं के लिए हेल्पलाइन नंबर चस्पा किया जाएगा। इस दौरान विद्यालय प्रधानाचार्य सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।