
मिर्जापुर: अकोढ़ी गांव में गंदगी और भ्रष्टाचार का गंदा खेल, प्रधान-सचिव की लापरवाही से गांव बना नर्क, बच्चे-महिलाएं गिरकर हो रहे लहूलुहान
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय
8382048247
*विकास के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाता हुआ जनपद मिर्जापुर का ग्राम पंचायत अकोढ़ी (96)। यहां ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत और घोर लापरवाही ने पूरे गांव को नर्क बना दिया है। चारों तरफ कीचड़, सड़ांध और मच्छरों का राज है। प्रशासन आंख बंद करके बैठा है और जनता अपनी जिंदगी बचाने के लिए संघर्ष कर रही है।*
*कीचड़ में डूबा गांव, नालियां बनी मौत का कुआं*
*महीनों से नालियों की सफाई नहीं हुई। नालियां चोक हैं और गंदा पानी सड़कों पर नदी की तरह बह रहा है। पूरा गांव टापू बन चुका है। स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे, गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग रोज इस गंदे कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हैं।*
*आए दिन महिलाएं और स्कूल के छात्र-छात्राएं फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं। किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है क्या?*
*मच्छरों का आतंक, महामारी को न्योता*
*गड्ढों में जमा गंदे पानी में मच्छरों ने डेरा जमा लिया है। दिन में भी मच्छर काट रहे हैं। डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड का खतरा सिर पर मंडरा रहा है।*
*लेकिन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को कोई फर्क नहीं पड़ता। न फॉगिंग, न दवा का छिड़काव। मानो इन्हें ग्रामीणों की लाशें चाहिएं।*
*शिकायत करो तो अनसुनी, जनता जाए तो कहां जाए?*
*ग्रामीणों ने कई बार प्रधान और सचिव के सामने हाथ जोड़े, गुहार लगाई। लेकिन इनकी कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी। विकास के नाम पर सिर्फ कागजों में खानापूर्ति और जेबें गरम करने का काम हो रहा है।*
ग्रामीणों की सीधी चेतावनी
*आक्रोशित ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और DPRO से मांग की है कि तत्काल सफाई कराई जाए, फॉगिंग हो और दोषी प्रधान-सचिव पर कड़ी कार्रवाई हो।
अगर 7 दिन के अंदर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे और इसका जिम्मेदार पूरा प्रशासन होगा।
अब भी वक्त है, वरना अकोढ़ी की गंदगी पूरे जिले के लिए शर्मिंदगी बन जाएगी।