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मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना से किसानों की आर्थिक समृद्धि के खुलेंगे द्वार

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना से किसानों की आर्थिक समृद्धि के खुलेंगे द्वार


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

*योगी सरकार दे रही 80 हजार तक का अनुदान*

 

*दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और ग्रामीणों की आय दोगुनी करने में मील का पत्थर साबित होगी योजना*

 

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई

 

सोनभद्र। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार ने इसके लिए ‘मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना’ की शुरुआत की। यह योजना से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में कारगार साबित हो रही है।

 

नंदबाबा दुग्ध मिशन के वरिष्ठ दुग्ध निरीक्षक सुशील कुमार कुशवाहा ने बताया कि इस योजना के तहत पशुपालकों को उन्नत नस्ल की 02 स्वदेशी गायों की डेयरी इकाई स्थापित करने के लिए 80 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। मौजूदा वित्त वर्ष में इस योजना के तहत जनपद के 28 लाभार्थियों (14 महिला, 14 पुरुष) को योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए https://nandbabadugdhmission.up.gov.in आवेदन किया जा सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई है। बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य उन्नत नस्ल की स्वदेशी गौवंश को बढ़ावा देना जिससे ज्यादा दुग्ध उत्पादन के साथ साथ संकर नस्ल की गायों में फैल रही तरह तरह की बीमारियों जैसे लम्पी रोग आदि से निजात दिलाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करना है।श्री दुबे द्वारा बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को दो उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायों की इकाई लगानी होगी। इसकी कुल स्थापना लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 80,000 रुपये तक का अनुदान शासन द्वारा सीधे बैंक खाते में भेजा जाता है। बताया कि सरकार ने इस योजना में महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी है। कुल निर्धारित लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा केवल महिला दुग्ध उत्पादकों और महिला पशुपालकों के लिए आरक्षित किया गया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में बहुत मदद मिलेगी।

 

 

 

*सिर्फ उन्नत नस्ल की गायों की खरीद पर मिलेगा लाभ*

 

योजना के नियमों के मुताबिक, पशुपालकों को दूसरे राज्यों से गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा जैसी उन्नत नस्ल की स्वदेशी गायें खरीदनी होंगी। सरकार ने शर्त रखी है कि खरीदी जाने वाली गायें केवल प्रथम या द्वितीय ब्यांत की ही होनी चाहिए ताकि दुग्ध उत्पादन का अधिकतम लाभ मिल सके। इससे प्रदेश में दूध की किल्लत दूर होगी और शुद्ध स्वदेशी दूध की उपलब्धता बढ़ेगी।


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