
दहेज में बाइक नहीं मिलने पर हत्या के दोषी पति सहित तीन को सात-सात वर्ष की सजा
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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सोनभद्र। दहेज के लिए विवाहिता को प्रताड़ित कर खुदकुशी के लिए विवश करने वाले पति, ससुर और सास को सात-सात वर्ष के कठोर कैद की सजा सुनाई गई है। उनके उपर अच्छा-खासा अर्थदंड भी लगाया गया है। एडीजे/एफटीसी सीएडब्लू अर्चना रानी की अदालत ने सोमवार को प्रकरण की सुनवाई की और पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों तथा अधिवक्ताओं की दलीलों को दृष्टिगत रखते हुए उपरोक्त फैसला सुनाया। अभियोजन कथानक के मुताबिक घोरावल कोतवाली क्षेत्र के धरमौली गांव के रहने वाले नरायन ने 10 मार्च 2021 को राबर्टसगंज कोतवाली पहुंचकर तहरीर सौंपा। बताया कि उन्होंने अपनी लड़की प्रीती की शादी 21 अप्रैल 2019 को राबटर्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी निवासी जितेंद्र के साथ की थी। शादी में उपहार देने के लिये स्पलेंडर बाइक खरीदी थी लेकिन समधी ने अपाचे बाइक के विवाद खड़ा कर दिया और इसी को लेकर बेटी को उसके ससुराल के लोग लगातार प्रताड़ित करने लगे। 10 मार्च की सुबह सूचना मिली कि उसके बेटी की असामान्य परिस्थिति में मौत हो गई है। हत्या की भी आशंका जताई गई। न्यायालय ने पाया कि 10 मार्च 2021 को प्रीती की मौत फंदे से लटकने के कारण जरूर हुई लेकिन वह सामान्य परिस्थितियों से इतर थी। पति जितेंद्र, ससुर राम सजीवन और सास सुदासा देवी उसके साथ लगातार क्रूरतापूर्ण व्यवहार और प्रताड़ित कर रहे थे।