
चुनार गंगा पुल पर आत्महत्या रोकने की पहल: 90.86 लाख से लगेगा सुरक्षा घेरा, लोगों को मिलेगी राहत
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो: कमलेश पाण्डेय
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चुनार, मिर्जापुर।
चुनार स्थित राम नरेश सिंह ‘बड़े भाई’ सेतु (गंगा पुल) पर आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को रोकने की दिशा में एक बड़ी पहल हुई है। लंबे समय से उठ रही मांग अब पूरी हो गई है। पुल की रेलिंग पर सुरक्षा घेरा (सेफ्टी बैरियर) लगाने के लिए शासन ने 90.86 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है।
यह महत्वपूर्ण पहल क्षेत्रीय विधायक अनुराग सिंह के सतत प्रयासों का परिणाम है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब यह कार्य लोक निर्माण विभाग (PWD) के सेतु विंग द्वारा कराया जाएगा। इस संबंध में प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग द्वारा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
2018 से बढ़ रही थीं घटनाएं
वर्ष 2018 में पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद से ही यहां से गंगा में कूदकर आत्महत्या की कई घटनाएं सामने आई थीं। पुल की अधिक ऊंचाई और अपेक्षाकृत कम रेलिंग के कारण यह स्थान धीरे-धीरे संवेदनशील बनता जा रहा था। इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ा दी थी।
स्थानीय लोगों की मांग लाई रंग
क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने कई बार पुल पर सुरक्षा घेरा लगाने की मांग उठाई थी। लोगों का कहना था कि सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए बिना इन घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल है।
अपराध से भी जुड़ी थीं चिंताएं
कुछ मामलों में यह भी सामने आया कि आसपास के जनपदों में अपराध करने के बाद शवों को गंगा में फेंकने के लिए इस पुल का इस्तेमाल किया गया। इससे पुल की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की गई।
‘सेल्फी प्वाइंट’ नहीं, बन रहा था ‘सुसाइड प्वाइंट’
विधायक अनुराग सिंह ने कहा कि यह पुल ‘सेल्फी प्वाइंट’ के बजाय ‘सुसाइड प्वाइंट’ के रूप में चर्चित होता जा रहा था, जो बेहद चिंताजनक था। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से इस समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
जल्द शुरू होगा कार्य
अब वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद विभागीय प्रक्रियाएं पूरी होते ही पुल पर सुरक्षा घेरा लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस पहल से न केवल आत्महत्या की घटनाओं पर रोक लगेगी, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
👉 यह कदम क्षेत्र में सुरक्षा और संवेदनशीलता के प्रति प्रशासन की गंभीरता को दर्शाता है।