
_विंध्याचल में दोहरा मापदंड: साफ सफाई के साथ चमकाया जाता है VIP मार्ग, तो गलियाँ और घाटों पर लगे जगह जगह कूड़े का अम्बार व फैली गंदगी_
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
8382048247
विंध्याचल
माँ विंध्यवासिनी देवी धाम में एक तरफ VIP मार्गों को चमकदार साफ-सुथरा रखा गया है, तो दूसरी ओर गलियों और घाटों की हालत बेहद दयनीय है।
नंगे पैर चलना मुश्किल हो गया है। गलियों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जगह-जगह कचरा, नालियों का गंदा पानी और बदबू दर्शनार्थियों को परेशान कर रही है। नगर पालिका केवल प्रमुख स्थानों और VIP रूट्स पर ही ध्यान दे रही है, जबकि आम भक्तों के लिए इस्तेमाल होने वाली संकरी गलियाँ पूरी तरह उपेक्षित हैं।
यह दोहरा मापदंड आम दर्शनार्थियों के मन में निराशा पैदा कर रहा है। एक तरफ भव्य व्यवस्था खास लोगों के लिए, दूसरी तरफ आम श्रद्धालुओं के लिए गंदगी और असुविधा।
माँ विंध्यवासिनी के पावन धाम को सच्ची श्रद्धा और समान व्यवस्था का केंद्र बनाना चाहिए, न कि केवल दिखावे का। सारी गलियों और घाटों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि हर भक्त बिना किसी परेशानी के माँ के दर्शन कर सके।
जिस गली में स्थानीय लोग रहते है वहां कूड़े की ढेर बदबू मारता है,लोग किसी तरह से मुंह ढककर निकल जाते है। ऐसे ही कई गलियां है जहां पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।