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प्रदेश में औद्योगिक विकास केंद्र एवं निर्यात हब हो रहे है विकसित

प्रदेश में औद्योगिक विकास केंद्र एवं निर्यात हब हो रहे है विकसित


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

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चीफ ब्योरों कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

औद्योगिक विकास एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा अर्थव्यवस्था में विनिर्माण, खनन और उत्पादन गतिविधियों का विस्तार व आधुनिकीकरण होता है। उद्योगों से कच्चे माल को तैयार उत्पादों में बदलकर आर्थिक वृद्धि तकनीकी नवाचार, रोजगार सृजन और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होता है। औद्योगिक विकास का मुख्य लक्ष्य आर्थिक गतिविधियों में विविधता लाना, उत्पादकता बढ़ाना और तकनीकी प्रगति करना है। भारत में यह नीतिगत सुधारों और बुनियादी ढाँचें में निवेश के माध्यम से जी0डी0पी0 को बढ़ाने वाला मुख्य आधार है।

प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश मेें औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण कार्य किये है। उत्तर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए औद्योगिक हित में जारी नीतियों के कारण ही प्रदेश में तेजी से उद्यमी निवेश करते हुए विभिन्न उद्योग स्थापित कर रहे है। निवेश को सुगम बनाने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा अनेक औद्योगिक विकास केंद्र एवं निर्यात हब विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में सेमीकंडक्टर पार्क तथा डाटा सेंटर पार्क के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिज़ाइन एवं मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर सम्मिलित हैं। अन्य प्रमुख प्रस्तावित परियोजनाओं में पी0एम0 मित्र योजना के अंतर्गत लखनऊ, हरदोई में एक मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल एवं अपैरल पार्क तथा हरदोई-कानपुर में एक मेगा लेदर क्लस्टर का विकास किया जा रहा है।

प्रदेश के ग्रेटर नोएडा निवेश क्षेत्र भी निवेश के अनेक अवसरों से परिपूर्ण है, जिसमें एक विमान हब, एमआरओ-कार्गाे कॉम्प्लेक्स, दादरी में एक मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स हब, बोराकी में मल्टी-मोडल परिवहन हब, मेडिकल डिवाइस पार्क तथा एक फिल्म सिटी जैसी परियोजनाएं सम्मिलित हैं। अन्य प्रमुख परियोजनाओं में बरेली में मेगा फूड पार्क, उन्नाव में ट्रांस-गंगा सिटी, गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क एवं गारमेंट पार्क तथा विभिन्न फ्लैटेड फैक्ट्री कॉम्प्लेक्स का विकास सम्मिलित है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र-विशिष्ट औद्योगिक पार्कों का भी निर्माण प्रगति पर है, जैसे-गोरखपुर में प्लास्टिक पार्क, कन्नौज में परफ्यूम पार्क, तथा गाज़ियाबाद, लखनऊ, कानपुर नगर, गोरखपुर व हापुड़ में केमिकल एवं फार्मा पार्क विकसित हो रहे है।

उत्तर प्रदेश नोडल विनिधान रीजन विनिर्माण (निर्माण) क्षेत्र अधिनियम, 2024 को स्वीकृति प्रदान की गई है। यह अधिनियम अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास प्राधिकरण को 20,000 एकड़ भूमि बैंक का उपयोग करते हुए चार विशेष निवेश क्षेत्र स्थापित करने में सक्षम बनाता है। इसी प्रकार, यूपी0आई0एम0एल0सी0 परियोजना के अंतर्गत राज्य के पांच प्रमुख एक्सप्रेस-वे पर 27 एकीकृत विनिर्माण एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टर की परिकल्पना की गई है।

प्रदेश के बुंदेलखण्ड क्षेत्र को विकसित करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विशेष पहल की है। इसके लिए बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा), वर्ष 2024 में स्थापित किया गया है, यह उत्तर प्रदेश सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य बुंदेलखंड क्षेत्र को एक प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र में परिवर्तित करना है। बीडा का गठन झांसी जनपद की 33 राजस्व ग्रामों में पहले चरण के अंतर्गत प्रस्तावित 35,000 एकड़ भूमि से बढ़ाकर 56,000 एकड़ से अधिक भूमि के विकास की योजना के साथ किया गया है। यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के अंतर्गत आने वाले बुंदेलखंड के उन भागों को सम्मिलित करता है, जो ऐतिहासिक रूप से अविकसित रहे हैं, जहां अवस्थापना का अभाव तथा उच्च स्तर का प्रवासन देखने को मिला है। बीड़ा के गठन से बुन्देलखण्ड क्षेत्र का चतुर्दिक विकास होगा।

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जिला सूचना कार्यालय सोनभद्र द्वारा जनहित में प्रसारित।

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