
मिर्जापुर के राजगढ़ विकासखंड अंतर्गत शक्तेसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बुधवार सुबह से तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई।
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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बूंदाबांदी और ठंडी हवाओं के कारण ठंड बढ़ गई है, जिससे कई फसलों को नुकसान होने की आशंका है। इस मौसम बदलाव से आलू, सरसों और चना जैसी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। किसानों ने अपनी चिंता व्यक्त की है, क्योंकि बूंदाबांदी से इन फसलों की पैदावार प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कुछ किसानों का मानना है कि यह बारिश गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। आज सुबह से आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। किसानों के अनुसार, बूंदाबांदी सरसों के फूलों और फलों के लिए विशेष रूप से हानिकारक है। इससे फूल झड़ने और फसल नष्ट होने की संभावना बढ़ जाती है। सरसों के अलावा मटर, आलू, टमाटर, लौकी, प्याज काफी फसलों का नुकसान की सामना अरमान है