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जिम कांड धर्मांतरण मामले में सिपाही इरशाद भी गिरफ्तार

जिम कांड धर्मांतरण मामले में सिपाही इरशाद भी गिरफ्तार


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

पुलिस ने बताया कि जनपद मीरजापुर में अवैध रूप से धर्म परिवर्तन कराने वाले एक संगठित और अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। इस गिरोह में गैर जनपद के अभियुक्तों की अहम भूमिका सामने आई है, जो जिम संचालन की आड़ में सुनियोजित तरीके से महिलाओं और युवतियों को अपने जाल में फंसाकर धर्मांतरण कराते थे।पुलिस के अनुसार थाना को0देहात पर दर्ज दो अलग-अलग अभियोगों की विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपी पहले जिम ट्रेनिंग के बहाने संपर्क बनाते थे, फिर भावनात्मक दबाव, डिजिटल माध्यमों और निजी मुलाकातों के जरिए पीड़िताओं पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते थे।

पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क में गैर जनपद सुल्तानपुर और गाजीपुर से जुड़े अभियुक्त सक्रिय रूप से शामिल थे। सुल्तानपुर निवासी शादाब और गाजीपुर निवासी इरशाद खां मीरजापुर में रहकर पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इरशाद खां पूर्व में सिपाही के पद पर कार्यरत रह चुका है, जिसने अपनी पहचान और संपर्कों का दुरुपयोग कर इस अवैध गतिविधि को आगे बढ़ाया।विवेचना के दौरान पुलिस को यह भी ज्ञात हुआ कि अभियुक्त जहीर जिम संचालक है और केजीएन-01 समेत अन्य जिमों के माध्यम से यह गिरोह अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। पीड़िताएं पहले इन्हीं जिमों में ट्रेनिंग के लिए जाती थीं। साक्ष्यों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने संबंधित सभी जिमों को सील करा दिया है।

पुलिस ने बताया कि मुख्य वांछित अभियुक्त फरीद को खड़ंजाफाल क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई आत्मरक्षात्मक कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। मौके से अवैध तमंचा, कारतूस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी नगद धनराशि लेकर धर्म परिवर्तन कराते थे और रकम का आपस में बंटवारा भी नकद किया जाता था। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डेटा, आधार, पैन कार्ड और बैंक खातों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क अवैध धर्मांतरण का संगठित “गृह/गैंग” बनाकर संचालित किया जा रहा था।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विवेचना गहनता से जारी है और अन्य संभावित संलिप्तों की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम को पुलिस उपमहानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मीरजापुर द्वारा ₹25,000 के पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की गई है।


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