
श्रीराम कथा का छठवां दिन: भरत व केवट से त्याग और भक्ति का संदेश
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
* चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
* 8382048247
चोपन। प्रीतनगर श्री रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में चल बुधवार को आयोजित सप्तदिवसीय श्रीराम कथा के छठवें दिन कथा व्यास दिलीप कृष्ण भारद्वाज महाराज ने भरत और केवट के प्रसंगों के माध्यम से त्याग, भक्ति और समर्पण का भावपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और भरत ने संपत्ति का नहीं, बल्कि विपत्ति का बंटवारा किया—यही सच्चे भाईचारे की मिसाल है।
व्यास जी ने केवट के निष्काम प्रेम और समर्पण का वर्णन करते हुए बताया कि वनगमन के दौरान प्रभु श्रीराम की भेंट निषादराज गुह से हुई और तत्पश्चात गंगा पार कराने वाले केवट से मिलन हुआ। केवट ने प्रभु के चरण धोकर उन्हें गंगा पार कराया और बिना उतराई लिए सेवा की। यह केवट का विशुद्ध प्रेम ही था कि वह चौदह वर्षों तक प्रभु की वापसी की प्रतीक्षा करता रहा।
कथा में केवट के पूर्व जन्म की कथा का भी उल्लेख हुआ—जहां वह क्षीरसागर में कछुआ था और नारायण की चरण सेवा की इच्छा रखता था। वर्तमान जन्म में लक्ष्मी सीता और शेषनाग लक्ष्मण की उपस्थिति में केवट को प्रभु श्रीराम की चरण सेवा का सौभाग्य मिला। केवट ने कहा कि उनकी और प्रभु की जाति एक है—अंतर केवल इतना कि वह लोगों को गंगा पार कराता है और प्रभु जीवात्माओं को भवसागर पार कराते हैं। इस निष्काम भक्ति से केवट ने स्वयं, अपने परिजनों, पितरों और आने वाली पीढ़ियों को भवसागर से पार कराया। कथा के दौरान यह प्रसंग भी आया कि केवट ने प्रभु के चरण धोए बिना उन्हें पार न कराने का आग्रह किया। अंततः प्रभु श्रीराम को विवश होकर चरण धुलवाने पड़े, जिससे केवट को चरण-स्पर्श का अवसर मिला और उसकी सात पीढ़ियां तर गईं। इसके साथ ही भरत के चित्रकूट से श्रीराम की चरण पादुका लेकर अयोध्या लौटने का मार्मिक प्रसंग सुनाया गया। भरत ने चरण पादुका को सिंहासन पर विराजमान कर प्रभु के लौटने से पूर्व ही रामराज्य की स्थापना की। कथा व्यास ने श्रोताओं से आह्वान किया कि जीवन में दूसरों के योगदान पर चिंतन करें। संचालन मनोज चौबे ने किया इस मौके पर उपजिलाधिकारी ओबरा विवेक कुमार सिंह, सर्वेंद्र विक्रम सिंह, सत्येन्द्र सिंह पिंटू,अधिसासी अधिकारी चोपन अखिलेश सिंह, व्यास मुनि पाण्डेय,मनोज सोनकर, क्रांति सिंह, प्रदीप अग्रवाल, दिनेश यादव,प्रमीला जायसवाल, ग्राम प्रधान सुनीता यादव,रंजन पाण्डेय,गिता सिंह, सविता सिंह, संजय केशरी, जनार्दन बैसवार, राजेश शाहनी एडवोकेट, श्याम सुंदर मिश्रा, रेवती रमण पाठक, बबलू सोनी, दीनदयाल सिंह, अनील यादव, अंकित पाण्डेय लिपिक,पवन यादव, अंकित सोनी सहित भारी संख्या में कथाप्रेमी मौजूद रहे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रभारी निरीक्षक कुमुद शेखर सिंह मयफोर्स चाक-चौबंद रहे|