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बिजनौर से लापता हिंदू-मुस्लिम 2 छात्राओं का 20 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग पनप रहा आक्रोश

बिजनौर से लापता हिंदू-मुस्लिम 2 छात्राओं का 20 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग पनप रहा आक्रोश


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

महापंचायत का भी हो चुका है ऐलान

 

टीम में शामिल ढूंढ रहे 70 पुलिस वाले 67 रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ, लास्ट लोकेशन रतलाम 1200 केएम दूर फिर भी हाथ खाली

 

 

 

बिजनौर। यूपी के बिजनौर जिले से दो छात्राएं 15 नवंबर से लापता हैं। एक 9वीं, दूसरी 12वीं की स्टूडेंट है। एक हिन्दू, दूसरी मुस्लिम है। दोनों घर से स्कूल के लिए निकलीं, फिर वापस नहीं लौटीं। 70 पुलिसवालों की 30 टीमें पूरे देश में उन्हें खोज रही हैं।

सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि दोनों छात्राएं सहारनपुर से ट्रेन में बैठकर 1200 किलोमीटर दूर सूरत पहुंच गईं। सूरत के बाद लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाया। सहारनपुर से मुंबई बांद्रा टर्मिनस (बीडीटीएस) तक कुल 67 रेलवे स्टेशनों पर पूछताछ और तलाश की गई।नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के जरिए देशभर की पुलिस को दोनों छात्राओं के फोटो और डिटेल्स भेजी गई है।

एक छात्रा की फैमिली आरोप लगा रही है कि हमारी लड़की को दूसरी मुस्लिम छात्रा ने ब्रेन वॉश किया। बिजनौर में ये मामला कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ है ।

 

घर से दोनों कॉलेज के लिए निकली, न कॉलेज पहुंची न वापस घर

 

बिजनौर जिले में शहर कोतवाली क्षेत्र के 2 गांव हैं। अलाउद्दीनपुर उर्फ जनदरपुर और झलरी। दोनों गांव आपस में करीब 13 किलोमीटर दूर हैं और बिजनौर से निकलने वाले अलग-अलग रास्तों पर पड़ते हैं। जनदरपुर की 17 वर्षीय छात्रा बिजनौर शहर के एक इंटर कॉलेज में 12वीं में पढ़ती है, जबकि झलरी गांव निवासी छात्रा उसी कॉलेज में 9 वीं क्लास में है। सालभर पहले दोनों की दोस्ती कॉलेज में हुई थी। 15 नवंबर की सुबह दोनों साइकिल लेकर कॉलेज के लिए निकलीं, लेकिन न कॉलेज पहुंचीं और न वापस घर आईं। बता दें कि दोनों गांव से कॉलेज आने के रास्ते भी अलग-अलग हैं । खोजबीन शुरू हुई तो पता चला कि दोनों साथ-साथ गई हैं। 16 नवंबर को शहर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करते हुए खोजबीन शुरू कर दी। दोनों छात्राएं अलग-अलग धर्म से होने और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिजनौर एसपी अभिषेक इस केस की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

 

बिजनौर से सहारनपुर, फिर बांद्रा की ट्रेन में बैठी छात्राएं

 

बिजनौर एसपी अभिषेक झा के अनुसार करीब 70 पुलिसकर्मियों को देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा है। अभी तक की इन्वेस्टिगेशन में ये पता चला है कि दोनों छात्राएं बिजनौर से बस में बैठकर सहारनपुर पहुंचीं। यहां से मुंबई बांद्रा टर्मिनस जाने वाली ट्रेन में बैठ गईं। सहारनपुर से मुंबई-बांद्रा टर्मिनस तक कुल 67 रेलवे स्टेशन हैं। प्रत्येक रेलवे स्टेशन पर हमारी पुलिस टीमों ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। इससे पता चला कि वो 16 नवंबर को सूरत पहुंचकर उतर गईं। हमारी कई पुलिस टीमें सूरत में डेरा डाले हुए हैं। उन्हें होटल-रेस्टोरेंट सहित सभी जगहों पर खोजा जा रहा है। पूरे सूरत में जगह-जगह दोनों छात्राओं के मिसिंग पोस्टर लगा दिए गए हैं। हालांकि, सूरत में ट्रेन से उतरकर वे कहां गईं, ये अभी तक पता नहीं चल सका है।

 

न मोबाइल, न सोशल मीडिया का प्रयोग

 

एसपी अभिषेक ने बताया- हमने दोनों छात्राओं के आधार कार्ड पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों की डिटेल्स निकलवाई। पता चला कि जितने भी सिमकार्ड इश्यू हुए हैं, वो सभी मौजूदा वक्त में घर के अन्य फैमिली मेंबर चला रहे हैं। दोनों छात्राओं पर उनके आधार कार्ड से इश्यू कोई सिमकार्ड इस वक्त नहीं है।

 

वो किसी और आईडी पर सिमकार्ड चला रही हैं या नहीं? यह कहा नहीं जा सकता। ना ही यह बात सामने ही आई है। हमें जितनी भी सीसीटीवी फुटेज मिली हैं, उसमें मोबाइल दिखाई भी नहीं दिया है। इसके अलावा सिर्फ एक छात्रा का स्नैप चेट अकाउंट है, जो उसके पिता के मोबाइल में ओपेन है।

अन्य कोई सोशल मीडिया अकाउंट उनका नहीं मिला है। हमने दोनों छात्राओं के सभी फैमिली मेंबर की अकाउंट डिटेल्स भी खंगाली है। इसमें भी किसी सस्पेक्टेड ट्रांजेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है। ये प्रकरण अब बिजनौर जिले की कानून व्यवस्था के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। इसमें एक छात्रा हिन्दू और दूसरी मुस्लिम है। भारतीय किसान यूनियन, शिवसेना सहित कई संगठन पुलिस-प्रशासन के दफ्तरों पर बीते दिनों प्रदर्शन कर चुके हैं। अब एक महापंचायत आयोजित करने की बात कही जा रही है। कुछ लोग इसे कम्युनल एंगल से भी देख रहे हैं। इनका मानना हैं कि मुस्लिम छात्रा को बाहर से फंडिंग हो रही होगी, इसलिए वो इतने दिन तक बाहर रहकर सर्वाइव कर पा रही है।

 

हालांकि, बिजनौर पुलिस इन बातों को सिरे से खारिज किया है। अब तक की पुलिस इन्वेस्टिगेशन में कम्युनल एंगल और फंडिंग जैसी बातों की पुष्टि नहीं हुई है।

 

 

मां बोली- सहेली ने ब्रेन वॉश किया, दूसरी लड़कियों को मेरी बेटी से रखती थी दूर

 

झलरी गांव निवासी 9वीं की छात्रा की मां बताती हैं- 15 नवंबर की सुबह 8 बजकर 40 मिनट पर मेरी बेटी घर से निकली। हमें यही लग रहा था कि वो स्कूल के लिए निकली है।

 

रोजाना शाम साढ़े 4 बजे वो स्कूल से वापस आती थी। उस दिन जब वो नहीं आई तो मैंने उसकी सहेलियों से पूछा। साथ पढ़ने वाली लड़कियों ने कहा कि मां जी, आज हमें वो नहीं मिली। इसके बाद हमने खोजबीन शुरू की और पुलिस में रिपोर्ट लिखाई।

 

मां कहती हैं- हमने अब पुलिस से उम्मीद लगा रखी है। पुलिस ने हमसे वादा किया है कि हम ढूंढकर लाएंगे, चाहें टाइम कितना भी लग जाए। बिटिया के घर में नहीं होने से सारी चीजें अस्त-व्यस्त हो गई हैं। रात को देरी से सोते हैं। खाना खाने में भी मन नहीं लग रहा।

 

वो आगे कहती हैं- जो दूसरी छात्रा थी, वो चालाक थी। वो घर से खाने-पीने का जो कुछ सामान लाती थी, उसे मेरी बेटी को खिलाती थी। कॉलेज की दूसरी छात्राओं को वो मेरी बेटी से एकदम दूर रखती थी। अगर कोई लड़की मेरी बेटी के पास जाती थी तो उसकी दोस्त उन्हें भगा देती थी। मुझे लगता है कि उसने मेरी बेटी का ब्रेनवॉश किया है। वही उसे बहला-फुसलाकर ले गई है। मेरी बेटी एक दिन भी रिश्तेदारी में नहीं रुकती थी। आज उसे अपने घर के बिना 20 दिन हो गए हैं । कॉलेज में ही 4-5 महीने पहले दोनों की दोस्ती हुई थी।


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