
मिर्जापुर। जिगना थाना क्षेत्र के नेगुरावान सिंह गांव निवासी रामनरेश को अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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न्यायालय एसपीएल(ज) एससी/स्ट एक्ट., ऋचा जोशी ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। दोषी पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह मामला 2021 का है। मृतका के भाई मुन्नर बिन्द पुत्र छटंकी निवासी पहाड़ी, थाना कोतवाली देहात ने 15 अप्रैल 2021 को जिगना थाने में अपने बहनोई रामनरेश के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि रामनरेश ने अपनी बहन की रस्सी से गला दबाकर हत्या कर दी थी। गवाहों के आधार पर हुई कार्रवाई तहरीर के आधार पर जिगना थाने में भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी रामनरेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद मामले की गहन विवेचना और साक्ष्य संकलन की कार्यवाही की गई। “ऑपरेशन कन्विक्शन” और “मिशन शक्ति अभियान 5.0” के तहत इस मामले को प्राथमिकता दी गई थी।थाना जिगना पुलिस और पैरवी सेल ने गुणवत्तापूर्ण तथा प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की। अभियोजन अधिकारी एडीजीसी राजेश यादव, विवेचक निरीक्षक प्रनय प्रशुन श्रीवास्तव, कोर्ट मुहर्रिर उप निरीक्षक राजेश कुमार तिवारी, आरक्षी विनोद कुमार गोस्वामी और पैरोकार मुख्य आरक्षी रवि कान्त यादव ने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न्यायाधीश ऋचा जोशी ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर रामनरेश को धारा 302 के तहत दोषी ठहराया। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। यदि दोषी अर्थदंड का भुगतान नहीं करता है, तो उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।