
60 लाख की लागत से ओझला पुल का हो रहा पुर्नविकास
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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मिर्जापुर। जिले की ऐतिहासिक धरोहर को सजाने संवारने की तैयारी शुरू हो गई है। वंदन योजना से ओझला पुल के नीचे बहने वाली नदी में चैक डैम बनाकर मोटर वोट चलाया जाएगा। दशकों से उपेक्षा के कारण जर्जर हो रहे पुल के मरम्मत के लिए 62 लाख से पुल का जीर्णोद्धार हो रहा है। पुल में बने कमरों में दुकानें खुलेंगी। पुल के दोनों तरफ लोहे के सुंदर गेट बनाए जा रहे हैं। लाइट लगने के बाद पुल के छत से मनोहारी दृश्य देखने को मिलेगा। अब शीघ्र ही यह सब सुविधाएं नागरिकों को मिलेंगी।विंध्याचल जाने वाले मार्ग पर एक दिन के रूई की कमाई से व्यापारी महंत परशुराम गिरी ने साल 1850 में नदी के ऊपर चार मंजिला पुल का निर्माण कराया था। जो पिछले कई दशकों से उपेक्षा का शिकार है। बताया जाता है कि पुल के कमरों को इस कदर बनाया गया है कि बिजली के बिना ही कमरा रोशनी और हवादार है। नगर अभियंता विपिन मिश्रा ने बताया कि कक्षों की मरम्मत कराकर सुंदरीकरण कराया जा रहा है। नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने बताया कि दशकों से यह पुल उपेक्षा का शिकार हो रहा था। वहीं, अब शासन की ओर से 60 लाख रुपये का बजट आया है। जर्जर इमारत की मरम्मत कराई जा रही है। पुल में बने कमरों की रंगाई पोताई हो रही है। पुल के दोनों तरफ लोहे के सुंदर गेट बनवाया जा रहा है। पुल के अंदर व बाहर 120 लाइटें लगाई जाएंगी। इसका दृश्य मनोहारी होगा। विंध्याचल मां विंध्यवासिनी के दर्शन करने के बाद भक्तों को ओझला पुल की ओर आकर्षित करना ही नगर पालिका का लक्ष्य है।