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विंढमगंज सरकारी अस्पताल का घिनौना कारनामा – डिलीवरी मरीज से वसूले 500 रुपये, हालत बिगड़ी तो रेफर

विंढमगंज सरकारी अस्पताल का घिनौना कारनामा – डिलीवरी मरीज से वसूले 500 रुपये, हालत बिगड़ी तो रेफर


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

क्षेत्र के सरकारी अस्पताल विंढमगंज में लापरवाही और घूसखोरी का शर्मनाक मामला सामने आया है। हरनाकक्षार निवासी सुनील कुमार पनिका सोमवार सुबह करीब 5:00 बजे अपनी पत्नी को प्रसव हेतु अस्पताल लेकर पहुँचे।

 

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में तैनात स्टाफ ने न तो कोई जांच की और न ही समय रहते इलाज। सुबह 11:00 बजे डिलीवरी करा दी गई। डिलीवरी के बाद महिला की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर सत्येंद्र प्रसाद और एएनएम कुंती देवी ने लड़के के जन्म की जानकारी देते हुए मरीज को रेफर कर दिया।

 

पीड़िता की सास उर्मिला देवी ने खुलासा किया कि –

“सुबह 5 बजे बहू को भर्ती किया गया, लेकिन कोई जांच नहीं हुई। डिलीवरी के बाद डॉक्टर और नर्सों ने 500 रुपये और दाई का खर्च मांगा। जब हमने पैसा देने से इनकार किया तो हमें जबरन रेफर कर दिया गया।”

 

एंबुलेंस उपलब्ध न कराए जाने पर परिजनों को मजबूरी में निजी वाहन से महिला को दुद्धी सीएचसी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहाँ इलाज जारी है।

 

ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और नर्स वेतन सरकारी खजाने से लेने के बावजूद गरीब मरीजों से खुलेआम 500 से 1000 रुपये तक वसूलते हैं।

 

गाँव के लोगों ने कड़ी नाराज़गी जताते हुए कहा कि –

“सरकारी अस्पताल विंढमगंज भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। यहाँ न इलाज सही से होता है और न ही मरीजों को सम्मान मिलता है।”

 

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस पूरे प्रकरण की जाँच कर दोषी डॉक्टर और स्टाफ पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।


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