
दुद्धी में फर्जी अस्पतालों पर स्वास्थ्य विभाग का हंटर, तीन ओटी सील, दो अस्पताल बंद – प्रसव मौत कांड के बाद कार्रवाई
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय
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दुद्धी (सोनभद्र)।
दुद्धी तहसील मुख्यालय पर संचालित फर्जी और मानकविहीन अस्पतालों के खिलाफ आखिरकार स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देशन पर एडिशनल सीएमओ गुलाब शंकर यादव अपनी टीम के साथ दुद्धी नगर पहुंचे और कई निजी अस्पतालों की जांच की। जांच में भारी गड़बड़ियां सामने आईं।
कार्रवाई के दौरान तीन अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटर सील कर दिए गए, जबकि दो नेशनल हेल्थ केयर हॉस्पिटल अस्पताल पूरी तरह से बंद कराए गए। इतना ही नहीं, दो अस्पतालों पर एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
प्रसव मौत कांड बना कार्रवाई की बड़ी वजह
याद दिला दें कि गत दिनों दुद्धी कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में प्रसव के दौरान महिला की मौत हो गई थी। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने न केवल अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया था बल्कि शव के साथ हंगामा किया और एंबुलेंस को भी बंधक बना लिया था। इस प्रकरण ने पूरे इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी थी और लोगों में गुस्सा बढ़ गया था। इसके बाद से ही अवैध और मानकविहीन अस्पतालों के संचालन को लेकर आवाजें बुलंद होने लगी थीं।
वार्ड नंबर 1 का राधा रानी हॉस्पिटल भी सील
जांच टीम को वार्ड नंबर 1 स्थित राधा रानी हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित होता मिला। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया।
सख्त रुख में स्वास्थ्य विभाग
एडिशनल सीएमओ गुलाब शंकर यादव ने स्पष्ट किया कि अवैध और मानकविहीन अस्पताल मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे अस्पताल किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे और लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
हड़कंप में अस्पताल संचालक
इस सख्त कार्रवाई से पूरे इलाके के निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि दुद्धी क्षेत्र में बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सकों के अस्पताल खुलेआम चल रहे हैं, जहां न तो सुरक्षा के मानक हैं और न ही मरीजों की जान की गारंटी।
जनता की मांग अब सख्त निगरानी जरूरी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई स्वागत योग्य है, लेकिन केवल कुछ अस्पतालों तक सीमित न रहे। जब तक
कलावती क्लिनिक के संचालित की जा रही है घोरावल में बिना मानवक के धरले संचालित किया जा रहा है स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही करने में असमर्थ है
सभी अस्पतालों की नियमित
जांच नहीं होगी, तब तक मानकविहीन संचालन पर अंकुश लगाना मुश्किल है।