
17 पेड़ों की अनुमति, लेकिन कट गए दोगुने से ज्यादा! वन विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।
चीफ़ ब्यूरो – कमलेश पाण्डेय
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म्योरपुर वन क्षेत्र के कटौंधी गांव के जंगल में बड़े पैमाने पर हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आया है। रेलवे ट्रैक से कुछ ही दूरी पर स्थित करीब पांच बीघा जमीन पर सागौन, खैर और सिद्धा जैसे कीमती इमारती पेड़ों को बेरहमी से काटा जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि वन विभाग इस पूरी कार्रवाई से अनजान बना हुआ है। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि नियमानुसार केवल 17 पेड़ों की कटाई की अनुमति दी गई थी, लेकिन मौके की स्थिति कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अनुमति से कहीं ज्यादा—लगभग दोगुने से भी अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं।
इस पूरे मामले ने वन विभाग की कार्यशैली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि अनुमति सीमित थी, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई कैसे हो गई? क्या यह सब विभाग की मिलीभगत से हो रहा है या फिर लापरवाही का नतीजा है?
ग्रामीणों में इसको लेकर भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि जंगलों की अंधाधुंध कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
अब देखना यह होगा कि वन विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों पर कब तक शिकंजा कसता है