• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
एनडीपीएस एक्ट: दोषी विश्वामित्र राय को 10 वर्ष की कठोर कैद

एनडीपीएस एक्ट: दोषी विश्वामित्र राय को 10 वर्ष की कठोर कैद


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

– एक लाख रुपये अर्थदंड, न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी

– जेल में बिताई अवधि सजा में होगी समाहित

– साढ़े 15 वर्ष पूर्व पिपरी पुलिस ने 300 ग्राम हेरोइन के साथ किया था गिरफ्तार

सोनभद्र। साढ़े 15 वर्ष पूर्व पिपरी पुलिस द्वारा 300 ग्राम नाजायज हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए विश्वामित्र राय को दोषसिद्ध पाकर विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट, सोनभद्र आबिद शमीम की अदालत ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए 10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके ऊपर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक 31 मार्च 2010 को पिपरी सीओ संजय चौधरी पुलिस बल के साथ देखभाल क्षेत्र व वांछित अभियुक्तों की तलाश में थे कि मुखबिर खास के जरिए सूचना मिली कि कुछ हेरोइन तस्कर किसी वाहन की तलाश में हैं जो रॉबर्ट्सगंज होते हुए बाहर जाएंगे। अगर मौके पर पहुंचा जाए तो पकड़े जा सकते हैं। इस सूचना पर विश्वास करके पुलिस बल के साथ पिपरी पुलिस, कोन पुलिस को वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग स्थित क्रिया कुटी तिराहे पर पहुंचने को कहा गया। तभी तस्कर को पुलिस बल ने गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से 300 ग्राम नाजायज हेरोइन बरामद की गई। इसी मामले में पुलिस ने धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में एफआईआर दर्ज कर अभियुक्त विश्वामित्र राय पुत्र शिवनाथ राय, निवासी मांचा, थाना भांवरकोल, जिला गाजीपुर हाल पता आश्रम मोड़, थाना दुद्धी, जिला सोनभद्र का चालान कर दिया गया। विवेचना के दौरान पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक द्वारा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी विश्वामित्र राय को 10 वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई। उसके ऊपर एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील शशांक शेखर मिश्र ने बहस की।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .