• +91 8127948307
  • info@tejasvisangthan.in
  • uttar Pradesh sonebhadra
News
दोषी पति,सास व ससुर को 10 वर्ष का कठोर कारावास

दोषी पति,सास व ससुर को 10 वर्ष का कठोर कारावास


तेजस्वी संगठन ट्रस्ट।

 

चीफ़ ब्यूरो कमलेश पाण्डेय

8382048247

 

 

 

– 35-35 हजार रुपये अर्थदंड, न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी

– करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व हुए किरन सोनकर उर्फ रेनू हत्याकांड का मामला

 

 

सोनभद्र। करीब साढ़े 6 वर्ष पूर्व हुए किरन सोनकर उर्फ रेनू हत्याकांड के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी/ सीएडब्लू, सोनभद्र अर्चना रानी की अदालत ने बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषसिद्ध पाकर दोषी पति, सास व ससुर को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास व 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी।

अभियोजन पक्ष के मुताबिक मृतका किरन सोनकर उर्फ रेनू के पिता श्यामलाल सोनकर पुत्र स्वर्गीय राम किसुन सोनकर निवासी चकिया , थाना चकिया , जिला चंदौली ने 20 मई 2019 को रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसने अपनी बेटी किरन सोनकर उर्फ रेनू की शादी 14 दिसंबर 2015 को धरम सोनकर पुत्र मिश्रीलाल निवासी चुर्क , थाना रॉबर्ट्सगंज, जिला सोनभद्र के साथ किया था। बेटी विदा होकर ससुराल गई तो उसका पति धरम सोनकर, सास लक्षन देवी, ससुर मिश्रीलाल व जेठ- जेठानी द्वारा चार चक्के की गाड़ी की मांग की जाने लगी और बेटी को आए दिन प्रताड़ित किया जाने लगा। जब बेटी ने इस बात की जानकारी दी तो सम्भ्रांत लोगों की मौजूदगी में सुलह समझौता भी कराया गया और बेटी अपने मायके आ गई। दो माह बाद पुनः बेटी ससुराल गई, लेकिन कोई बदलाव नहीं आया। इसकी जानकारी उसे बेटी ने करीब 4 माह पूर्व फोन करके दी थी कि उसे दहेज में चार चक्के की गाड़ी की मांग को लेकर प्रताड़ित किया जा रहा है। 20 मई 2019 को सुबह 8 बजे फोन पर सूचना मिली कि बेटी ज्यादे सीरियस है। जब ससुराल पहुंचा तो बेटी की मौत हो गई थी। देखने से शरीर पर कई चोट के निशान और जले का निशान भी पैर में था। जिससे पूर्ण विश्वास है कि दहेज के लिए बेटी की हत्या कर दी गई है। रिपोर्ट दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई करें। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था।

मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी पति धरम सोनकर, सास लक्षन देवी व ससुर मिश्रीलाल को 10-10 वर्ष की कठोर कैद व 35-35 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर 6-6 माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बितायी अवधि सजा में समाहित होगी। अभियोजन पक्ष की ओर से सरकारी वकील सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बहस की।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Enable Notifications OK .